बोलकर - हिंदी बोलने वालों का अपना ख़ास ऐप

बोलकर – हिंदी बोलने वालों का अपना ख़ास ऐप

by Laxman Thapa

भारत में 22 मुख्य भाषाएं बोली जाती हैं। इसमें से हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। भारत की लगभग 44 प्रतिशत जनता हिंदी बोलती है, और 9 भारतीय राज्यों की मुख्य भाषा हिन्दी है। 

कई अन्य राज्यों में भी हिंदी को प्राथमिकता दी जाती है ।

हम इंसानों को यह आवाज़ एक वरदान की तरह प्राप्त है। बोलना हमारी पहचान है। हिंदी बोलने वाले लोग भी अपनी आवाज़ को डिजिटल दुनिया में इस्तेमाल करना चाहते हैं। वह भी डिजिटल ज्ञान की दुनिया में अन्वेषण करना चाहते हैं, अपनी जिज्ञासा का समाधान चाहते हैं, अपने ज्ञान को बाँटना चाहते हैं। डिजिटल युग में एक ऐसा स्थान ढूंढना जो हिन्दी को अहमियत देता है।

हिंदी बोलने वालों को एक प्रश्न उत्तर ऐप – बोलकर ऐप नाम का एक डिजिटल उपहार मिला। भारतीयों के लिए सबसे ख़ास बात यह है कि यह ऐप भारत में बनी है। इसका मुख्य आकर्षण यह है कि यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रयास है। 

इसका दूसरा ख़ास फ़ीचर यह है कि यह ऐप हिंदी में चलता है। इसे ख़ास हिंदी बोलने वालों के लिए है बनाया गया है ताकि उन्हें भी एक अपना डिजिटल स्थान मिल सके।

बोलकर किस तरह हिंदी यूजर्स का दिल जीत रहा है?

हम सभी को आसानी से चलने वाली चीज़ें पसंद होती हैं। बोलकर यहां हमारा साथ देता है। यह आवाज़ (वॉइस सर्च) पर चलने वाला ऐप है, इसी कारण से इसे चलाना सभी के लिए आसान है। छोटे हों या बड़े किसी के लिए भी वॉइस फीचर होने से सब आसान हो गया है। बस माइक पर टच करके बोलना है। बस इतना है? हां, यह बहुत है इस ऐप का प्रयोग करने के लिए। इसको चलाने के लिए टाइप करने की भी आवश्यकता नहीं है। इस ऐप का दूसरा फ़ायदा यह है कि यहां जवाब भी सुने जा सकते हैं। (Audible answers) 

इससे आंखों पर स्क्रीन ज़्यादा देखने का दुष्परिणाम नहीं होता क्योंकि बोलकर और सुनकर ही काम चल जाता है।

इसका आधार है बस बोलो और सुनो। टेक्नोलॉजी में इससे आसान और क्या हो सकता है?

हर मनुष्य चाहता है कि वह बोले और उसकी बातों को महत्व मिले, उसे कोई सुनने वाला हो बोलकर ऐप हमारी इस इच्छा को पूरा करता है। 

इस मंच पर हम बोलकर अपने सवाल पूछ सकते हैं, और बोलकर ही दूसरों के प्रश्नों का जवाब दे सकते हैं ।

जिन क्षेत्रों में हमें जिज्ञासा होती है, वहां बहुत से लोगों को जिनको ज्ञान होता है, वह हमारे प्रश्नों के उत्तर देते हैं। यह एक ज्ञान का मंच है जहां हर कोई अपनी बात कह सकता है, उसके पास जितना भी ज्ञान है उसे दूसरों से शेयर करके उनकी मदद कर सके।

बहुत सी एन्ड्रॉयड ऐप्स (Android apps) हैं जो हमें कुछ सीखने देते हैं पर बोलकर एक ऐसा ऐप है जो हमें सीखने और सिखाने दोनों का अवसर देता है। यह हमें ज्ञान देने व लेने दोनों की अनुमति देता है। यहां जितनी आज़ादी सवाल करने की मिलती है, उतनी ही आज़ादी जवाब देने की है। 

जिस भी व्यक्ति को लगता है कि उसे किसी क्षेत्र का ज्ञान है तो वह उस क्षेत्र में पूछे गए सवालों के जवाब दे सकते हैं। उसी के साथ साथ यह सबको अपनी राय साझा करने की भी अनुमति देता है। लोग अब अलग विषयों पर अपनी राय दे सकें। यह हर कोई चाहता है कि उसकी अपनी बात कहने का एक मंच मिले, बोलकर ने वह कमी पूरी कर दी है।

हिंदी बोलने वाले लोगों के साथ बहुत बार ऐसा होता है कि उनके पास बहुत से अनुभव होते हैं, जिससे वह दूसरों तक पहुँचाकर उनकी सहायता करना चाहते हैं पर उन्हें यह नहीं समझ आता कि वो ऐसा कहां कर सकते हैं। भाषा इसमें एक रुकावट बनती थी पर बोलकर ने इस रुकावट को दूर किया। 

बोलकर की टीम ने हिंदी बोलने वालों को ज़रूरतों को समझकर ही इस ऐप को डिज़ाइन किया है।

बोलकर – अब हिंदी स्पीकर्स भी होंगे लोकप्रिय

हिंदी बोलने वालों के लिए यह सिर्फ सवाल जवाब करने का मंच नहीं है बल्कि यह उन्हें वह लोकप्रियता दिलाता है जो वह हमेशा से पाना चाहते हैं पर डिजिटल दुनिया में भाषा की रुकावट के कारण नहीं पाते। बोलकर ऐप पर जवाब देने वालों को स्पीकर्स कहा जाता है और अच्छे जवाब देने वालों को टॉप लेवल स्पीकर्स की श्रेणी में शामिल कर दिया जाता है। इससे उनके फॉलोअर्स बढ़ते हैं और उनको ख्याति मिलती है।

टॉप स्पीकर्स को लोग फ़ॉलो करते हैं, क्योंकि उनके जवाब लोगों को अच्छे लगते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास गहरा होता है। उनकी विचार शक्ति भी गहरी होती है क्योंकि लोगों की सहायता करने का उद्देश्य उन्हें गहरा सोचने पर मजबूर करता है। उन्हें अपने ऊपर भरोसा होता है कि हम भी समाज के काम आ सकते हैं, अपना ज्ञान बांट सकते हैं, व एक उदाहरण बन सकते हैं।

बोलकर – हर वर्ग का सहारा

हिंदी बोलने वाले हर वर्ग के लोग होते हैं। बोलकर हर किसी को अपने विचारों को व्यक्त करने की इजाज़त देता है। यह वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता है। इसलिए हर भारतीयों की जरूरतों को समझने के बाद इसे बनाया गया, यही कारण है कि बोलकर हिंदी बोलने वालों का ख़ास बन गया है।

जब कोई काम अच्छे उद्देश्यों से किया जाता है तो उसका परिणाम अच्छा होता है। बोलकर भी भारतीयों को डिजिटल दुनिया में वृद्धि दिलाने के लिए बनाया गया है और इसका यह मक़सद सफल हो रहा है। भारतीय इसे अपना रहे हैं और इसका प्रयोग अपने ज्ञान की बढ़ोतरी कर रहे हैं। इससे उनका हर तरह विकास हो रहा है।

बोलकर - हर वर्ग का सहारा

वर्तमान में बोलकर के 100k+ यूजर्स हैं और वह लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अच्छे उद्देश्यों को समझते हुए ही इस ऐप को गूगल प्लेस्टोर द्वारा बेस्ट ऐप फॉर पर्सनल ग्रोथ (best app for personal growth) का अवॉर्ड मिला। 

यह मंच पर बहुत कुछ है सीखने को, और सिखाने को। 

डिजिटल युग में भारतीयों को एक अपना स्थान मिल गया है जहां उनकी आवाज़ को अहमियत मिलती है ।

लेखिका

~सिम्मी भटनागर

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